Followers

Wednesday, August 31, 2011

BODYGAURD REVIEW


FRIENDS I SAW 1st DAY 1st SHOW OF "BODYGAURD"ITS A NICE FILM WID SUPERB ACTION(ALL CREDIT GOES TO ACTION DIRECTOR VIJAYAN),FEW COMEDY SCENES,BACKGROUND MUSIC OF THE FILM IS ALSO GUD,ALL SONGS ARE SUPERB,ALL ACTORS ACTED WELL IN THE FILM,SPECIALLY RAJ BABBAR,ADITYA PANCHOLI,MAHESH MANJREKAR,ASRANI,KAREENA KAPOOR LOOKING VERY BEAUTIFUL IN THE FILM,HER ACTING IS ALSO GUD,KATRINA KAIF ROCKS IN A SONG,SALMAN KHAN IS MINDBLOWING IN THE FILM,HIS ACTING,HIS BODY LANGUAGE,DALIOUGE DELIVERY,HIS LOOKS EACH AND EVERY THING IS PERFECT,THE STORY OF THE FILM IS OK,ITS SCREENPLAY IS GUD,DIALOUGES ARE ALSO GUD,THIS FILM IS DIRECTED BY SIDDIQUE,HIS DIRECTION IS UP TO THE MARK,AS A FILM CRITIC OUT OF 5 STARS I CAN GAVE 4 STARS TO THIS FILM,DON'T MISS IT......
ANKKIT MALVIYAA(FILM CRITIC)

Friday, August 19, 2011

CHATUR SINGH TWO STAR REVIEW


FRIENDS I SAW FILM "CHATUR SINGH TWO STAR" FIRST DAY FIRST SHOW,ITS A VERY WEAK FILM,THERE IS NOTHING IN THE STORY OF THE FILM,ITS SCREENPLAY WAS SO BAD,WITH POOR DIALOUGES,SANJAY DUTT,SURESH MENON AND ANUPAM KHER ALL ARE VERY BAD IN THEIR PERFORMANCE,ALL OF THEM ARE DOING OVERACTING,AMISHA PATEL WAS ALSO VERY BAD IN HER PERFORMANCE,OTHER ACTORS LIKE SATISH KAUSHIK,GULSHAN GROVER AND RATI AGNIHOTRI,SANJAY MISHRA ACTED WELL IN THE FILM,ACTORS LIKE SHAKTI KAPOOR,VISHWAJEET PRADHAN AND MURALI SHARMA ARE OK IN THERE PERFORMANCE,THIS FILM IS DIRECTED BY AJAY CHANDOK,HIS DIRECTION IS REALLY VERY VERY WEAK,HE WAS SO CONFUSED ABOUT HIS STORY,SCREENPLAY AND HIS DIRECTION,AS A FILM CRITIC OUT OF 5STARS I CAN GAVE ONLY 1STAR TO "CHATUR SINGH TWO STAR"
ANKKIT MALVIYAA(FILM CRITIC)

Friday, August 12, 2011

AARAKSHAN REVIEW


FRIENDS I SAW THE FIRST DAY FIRST SHOW OF "AARAKSHAN",ITS SCREENPLAY IS SO CONFUSING,DULL,BORING,ITS EDITING IS ALSO NOT GUD,THIS FILM IS TOO LENGHTY AND DULL,THERE ARE TOO MANY LOOPHOLES IN THE STORY,SONGS ARE OK,BACKGROUND SCORE IS ALSO OK,ALL THE ACTORS ACTED WELL SPECIALLY AMITABH BACHCHAN,MANOJ BAJPAI,SAIF ALI KHAN ARE SUPERB IN THEIR PERFORMANCE,DEEPIKA IS OK AND REST OF ACTORS LIKE TANVI AZMI,DARSHAN JARIWALA,MANOJ TIWARI,YASHPAL SHARMA,SAURABH SHUKLA ACTED SUPERB IN THERE ROLES,DIRECTION IS NOT UP TO THE MARK,AS A FILM CRITIC OUT OF 5STARS I CAN GAVE 1.5 STARS TO THIS FILM......
ANKKIT MALVIYAA(FILM CRITIC)

Friday, August 5, 2011

CHALA MUSSADDI OFFICE OFFICE REVIEW



FRIENDS,I SAW FILM "CHALA MUSSADDI OFFICE OFFICE",IS A SATIRE,ITS A STORY ABOUT COMMON MAN MUSSADDI LAL WHO FACES MANY PROBLEMS REGARDING HIS PENSION DUE TO THE CORRUPT ADMINISTRATIVE SYSTEM,ITS A NICE FILM WITH ONLY FEW GUD SONG,THE LYRICS OF SONGS ARE SUPERB,BACKGROUND MUSIC OF THE FILM IS OK,FEW SCENES AND FEW DIALOUGES AND PUNCHES CREATES LAUGHTER,ITS SCREENPLAY IS OK,ITS EDITING IS NOT VERY GUD,ALL ACTORS ACTED SUPERBELY IN THE FILM,SPECIALLY,MR PANKAJ KAPUR IS AWESOME AS "MUSSADDI LAL" IN THE FILM,HIS BODY LANGUAGE HIS DIALOUGE DELIVERY HIS LOOKS,HIS ACTING,EACH AND EVERYTHING IS PERFECT AS PER THE DEMAND OF THE CHARACTER PLAYED BY HIM,THIS FILM IS DIRECTED BY RAJIV MEHRA AND HIS DIRECTION IS GUD,THE BEST THINGS ABOUT THIS FILM IS THAT IT GIVES A SOCIAL MASSAGE TO STAND AND FIGHT AGAINST THE CORRUPTION,AND PERFORMENCES OF ALL ACTORS SPECAILLY THE PERFORMANCE OF MR. PANKAJ KAPUR,AS A FILM CRITIC OUT OF 5STARS I CAN GAVE 3STARS TO THIS FILM.......

Friday, July 22, 2011

SINGHAM REVIEW


FRIENDS,I SAW FIRST SHOW OF "SINGHAM" ITS OUT AND OUT ENTERTAINING FILM WITH LOTS OF ACTION SEQUENCES,THERE IS NO NOVELTY IN THE STORY OF THIS FILM,BUT ITS TREATMENT IS AWESOME,ITS ACTION,ITS DIALOUGES AND PUNCHES,ITS BACKGROUND SCORE,ITS SONGS EACH AND EVERYTHING IS SUPERB,ALL ACTORS ACTED SUPERBLY IN THIS FILM,SPECIALLY ITS HERO AJA...Y DEVGN AND ITS VILLAN PRAKASH RAJ DESERVES AWARDS FOR THERE ACTING IN THIS FILM,ITS AN ACTION FILM BUT IT ALSO CREATES COMEDY IN MANY SCENES,THE DIRECTION OF ROHIT SHETTY IS MINDBLOWING,ACCORDING TO ME THIS IS THE BEST DIRECTED FILM BY ROHIT SHETTY TILL TODAY,AS A FILM CRITIC OUT OF 5STARS I CAN GAVE 4STARS TO THIS FILM,DON'T MISS IT......
ANKKIT MALVIYAA(FILM CRITIC)

Friday, July 15, 2011

Friday, July 8, 2011

CHILLAR PARTY REVIEW


FRIENDS TODAY I SAW FIRST DAY FIRST SHOW OF "CHILLAR PARTY" ITS AN AWESOME FILM WITH A VERY GUD TRUE EMOTIONAL VALUE WITH A TRUE SPIRIT OF FRIENDSHIP WITH NEW AND DIFFERENT STORY,ITS DILAOUGES AND PUNCHES ARE SUPERB,ALL ACTORS SPECIALLY ALL KIDS AND DOG ACTED SUPERBLY IN THIS FILM,ALL SONGS AND BACKGROUND SCORE OF THE FILM IS ALSO VERY GUD,SCREENPLAY OF THIS FILM ISO TOO GUD,ITS EDITING AND CAMERAWORK IS ALSO NICE,THE DIRECTION OF THIS FILM IS MINDBLOWING,ITS WELL DIRECTED FILM BY NITESH TIWARI & VIKAS BAHL,THERE DIRECTION IS VERY GUD,IF YOU LUV HUMANITY,KIDS AND DOGS,THEN PLEASE WATCH THIS FILM,THIS FILM IS NOT ONLY FOR KIDS,ITS A FILM FOR ALL AGE GROUPS,ITS A COMPLETE FAMILY ENTERTAINER,AS A FILM CRITIC OUT OF 5STARS,I CAN GAVE 4.5 STARS TO THIS FILM,I TRY TO UPLOAD FULL HINDI REVIEW OD CHILLAR PARTY SOON ON THIS PAGE,PLZ READ THIS REVIEW AND TRY TO POST UR VALUABLE COMMENTS ABOUT THIS REVIEW AND THIS FILM ON MY BLOG ITSELF.......

ANKKIT MALVIYAA(FILM CRITIC)......
E-MAIL ID - ankkitmalviyaa@gmail.com

Saturday, July 2, 2011

Friday, July 1, 2011

DELHI BELLY REVIEW

Friday, June 3, 2011

READY REVIEW

Saturday, May 28, 2011

KUCCH LUV JAISAA REVIEW


कुछ ही दर्शक करेंगे ‘‘कुछ लव जैसा’’ को ‘‘लव’’
निर्माता-विपुल अमृतलाल शाह, कथा, पटकथा, संवाद, निर्देशन-बरनाली रे शुक्ला, एडिटर-हेमंती सरकार, सिनेमेटोग्राफी-बॉबी सिंह, बेकग्राउंड स्कोर-तपस रैला, संगीत-प्रीतम, गीतकार-इरशाद कामिल

इस शुक्रवार रिलीज हुई फिल्म‘‘कुछ लव जैसा’’एक छोटे बजट की फिल्म है। इस फिल्म में कोई भी नामचीन सितारा नहीं है। फिल्म के मुख्य किरदारों में राहुल बोस और शेफाली शाह हैं और यह दोनों भले ही स्टार नहीं हैं,पर दोनों ही बेहद कुशल कलाकार हैं।‘‘कुछ लव जैसा’’कहानी है दो अजनबियों की,जिनमें से कि एक गृहणी (हाउस वाइफ) है,जो कि अपनी जिं़दगी की बोरियत से दूर भागना चाहती है,और इस कहानी का दूसरा मुख्य किरदार एक अपराधी है जो कि पुलिस से भाग रहा है,और भागते-भागते ये दोनों अंजान एक दूसरे से जा मिलते हैं और फिर इन दोनों के साथ क्या होता है यही इस पूरी फिल्म में दिखाया गया है।इस फिल्म की कहानी आम मसाला हिन्दी फिल्मों से एकदम जुदा और नयापन लिये हुए है।इस फिल्म की कहानी बरनाली रे शुक्ला ने लिखी है,जो कि इस फिल्म की निर्देशक भी हैं।बतौर निर्देशक यह बरनाली रे शुक्ला की पहली फिल्म है।इससे पहले वह फिल्म‘‘थोड़ा लाइफ थोड़ा मेजिक’(2008)की कहानी लिख चुकी हैं और बतौर सह निर्देशक रामगोपाल वर्मा के साथ फिल्म‘‘सत्या’’(1998)और सुधीर मिश्रा,गोल्डी बहल,सृष्टि बहल और एकता कपूर(बरनाली ने एकता के लिए कुछ सीरियल लिखे हैं)जैसे नामी निर्माता निर्देशकों के साथ भी काम कर चुकी हैं।‘‘कुछ लव जैसा’’की कहानी तो बहुत रोचक है,पर इसका स्क्रीन प्ले(पटकथा)बेहद खराब लिखा गया है,जिसके कारण एक अलग और उमदा कहानी होने के बावजूद भी यह फिल्म बेहद बोरिंग और झिलाऊ लगती है।फिल्म की पटकथा(स्क्रीन प्ले)इसकी निर्देशिका बरनाली रे शुक्ला ने ही लिखा है और उनका लिखा गया स्क्रीन प्ले दर्शकों को ज़रा भी बांध नहीं पाता। अगर फिल्म का स्क्रीन प्ले अच्छा होता तो यह बेहद ही मजेदार फिल्म बन सकती थी। फिल्म के कुछ ही सीन दर्शकों को गुदगुदा पाते हैं,जैसे कि‘"वो कचरे वाले की घंटी वाला’’,जैसे कि वो सीन‘‘जिसमें दोनों मुख्य किरदार एक आदमी का पीछा कर रहे हैं और वह आदमी अपने मोबाइल पर पंडित जी से अपनी शादी के बारे में पूछ रहा है’’,जैसे कि वो सीन जिसमें ‘‘ऑफिस का बॉस अपने परेशान जूनियर को उसकी पत्नी से बात करते हुए देखता है’’जैसे कुछ सीन थोड़ी सी देर के लिए दर्शकों को गुदगुदाते हैं।इस फिल्म के डॉयलॉग्स(संवाद)ठीकठाक हैं और कुछ बेहद उमदा हैं,जो कि फिल्म की कहानी पर जचते हैं और असल जिंदगी के करीब भी लगते हैं,जैसे कि‘‘शादी के बाद बीवी चन्द्रमुखी, कुछ साल बाद सूरजमुखी,और वॉरंटी पीरियड खत्म होने के बाद ज्वालामुखी लगती हैं’’,‘‘लोग कहते हैं सदा सुहागन रहो, मतलब पति के पहले मर जाओ’’,‘‘लेडीज लोग 10 सेकंड में अपना माइंड बदलती हैं’’,‘‘लाईफ में जो भी सोचो उसको पूरी तरह परफेक्टली करो’’,‘‘पालक हमारे यहां तो दस रुपये में सिर्फ दो गड्डी मिलती हैं,यहां चार मिल रही हैं’’,‘‘शी इज सो हॉट शादीशुदा थोड़ी होगी’’,‘‘सुनाने वाले बहुत हैं,समझने वाला कोई नहीं’’,‘‘बहुत कम लोगों को रिस्क पर विश्वास करना आता है’’,‘‘सुबह जो हुआ वो हिस्ट्री है’’। इस फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर(बैकग्राउंड म्यूजिक)ठीकठाक है।वहीं फिल्म का संगीत भी फिल्म की कहानी के हिसाब से ठीक है।इस फिल्म के गीत फिल्म की कहानी को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं,जो कि फिल्म की कहानी के हिसाब से ठीकठाक हैं।फिल्म का कैमरा वर्क औसत दर्जे का है।फिल्म में अभिनय की बात करें तो राहुल बोस ने कमाल का अभिनय किया है और उनको दिया गया किरदार उन पर जचता भी है,जिसमें वह नेचुरल लगते हैं। फिल्म में राहुल के अभिनय के लिए उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम ही होगी,वहीं फिल्म में दूसरा मुख्य किरदार निभाने वाली शेफाली शाह ने भी अच्छा अभिनय किया है,पर फिल्म के कुछ सीन्स में वो ओवर एक्टिंग करती नजर आती हैं।फिल्म के बाकी कलाकारों में सुमित राघवन,मनमीत सिंह,कुनाल कुमार,अमीन हाजी,नीतू चन्द्रा और ओमपुरी सभी ने ठीकठाक अभिनय किया है।इस फिल्म की निर्देशक बरनाली रे शुक्ला की बतौर निर्देशक यह पहली फिल्म है और इस फिल्म की कहानी,संवाद और पटकथा उन्होंने ही लिखी है।उनकी लिखी गई कहानी रोचक है और संवाद भी ठीकठाक है,पर उनका लिखा स्क्रीन प्ले और उनका निर्देशन बेहद की कमजोर है,जिसके कारण यह फिल्म उबाऊ लगती है। इस फिल्म में कई ऐसे संवाद और दृश्य हैं जिनका कोई लॉजिक नहीं है।उन इल्लॉजिक सीन्स और दृश्यों के कारण भी यह फिल्म पकाऊ लगती है।फिल्म के एक सीन में आप देखेंगे कि एक महिला शोरूम से नई कार खरीदती है और उसकी नंबर प्लेट पर कार का नंबर लिखा हुआ है,फिल्म के एक सीन में आपको कार में खुला रखा केक दिखायी देगा,असल जिंदगी में कोई किसी को खुला रखा केक कार में रखकर गिफ्ट करने नहीं ले जाता,फिल्म के क्लाईमेक्स में एक मां अपनी बच्ची से सेक्स के बारे में बात करती है।फिल्म की यह और ऐसी कई इल्लॉजीकल बातें इसके कमजोर निर्देशन के कारण है।आपमें से बहुत से लोग इस फिल्म की अंग्रेजी की स्पेलिंग देखकर सोचेंगे कि इसमें कुछ अक्षर अलग से क्यों जोड़े गए हैं,तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि इस फिल्म के निर्माता विपुल शाह हैं और उनका अंक ज्योतिष में गहरा विश्वास है।जिसके कारण इस फिल्म के नाम में कुछ अतिरिक्त अक्षर जुड़वाए गए हैं देश के जाने माने अंक ज्योतिष की सलाह से)जिससे की यह फिल्म अच्छी चले। इससे पहले भी विपुल शाह की‘‘वक्त’’,‘‘सिंह इज किंग’’,‘‘नमस्ते लंदन’’,‘‘लंदन ड्रीम्स’’और‘‘एक्शन रीप्ले’’आदि फिल्मों के नाम में भी उन्होंने देश के नामचीन अंक ज्योतिष की सलाह पर कुछ अतिरिक्त अक्षर जोड़े थे। इस फिल्म की हीरोइन और निर्माता निर्देशक विपुल शाह की पत्नी शेफाली शाह के नाम पर भी यदि आप गौर करें तो आपको उनके नाम में भी कुछ अतिरिक्त अक्षर दिखायी देंगे।अब यह विपुल की अपनी सोच है और कुछ पॉजीटिव करने के लिए ऐसा करना गलत नहीं,जिससे किसी दूसरे को हानि नहीं होती हो,बहरहाल‘‘कुछ लव जैसा’’की बात करो तो अगर आप कुछ हटकर फिल्म देखने का शौक रखते हैं या फिर आप राहुल बोस के प्रशंसक हैं और उनका उमदा अभिनय देखना चाहते हैं तो ही इस फिल्म को देखें,वरना मेरे ख्याल से तो‘‘कुछ लव जैसा’’को कुछ ही दर्शकों का लव मिल पाएगा।
फिल्म समीक्षक - अंकित मालवीय

E-mail : ankkitmalviyaa@gmai.com
plz post ur comments here about this review and film,thanks,god bless,bye

Tuesday, May 17, 2011

STANLEY KA DABBA

Saturday, May 14, 2011

RAGINI MMS REVIEW

HAUNTED REVIEW

Friday, May 6, 2011

LUV KA THE END REVIEW